Description
L'amour dans ce morceau sonne comme un vieux cahier rempli de brouillons de poèmes: parfois naïf, parfois trop pompeux, mais d'autant plus sincère. Les mots semblent jaillir d'eux-mêmes, transformant chaque émotion en métaphore sur les roses, les mains et le ciel. La musique soutient le tout: fluide, enveloppante, comme une toile de fond pour une déclaration qui est sur le point d'échapper aux lèvres. Un peu de théâtralité, un peu de tremblement, et déjà, on a l'impression que le monde entier est devenu le décor d'un monologue sur les sentiments.
Auteur, compositeur et interprète: Anuv Jain
Producteur: Lost Stories
Production supplémentaire et voix supplémentaires: Sartak Kalyani
Chœurs: Solomon Konvar Rengme, Anahita Singh
Guitare acoustique, guitare électrique, charango, guitare basse: Keba Jeremiah
Harmonium: Lalit Sisodia
Guitare électrique: Angad Bahra
Guitare basse: Vivian D'Souza
Paroles et traduction
Original
कायर जो थे वो शायर बने। अब क्या-क्या करें ये इश्क में। ना कहते थे कुछ जो लगे खोज में। क्या लफ्ज़ चुने नए आशिक ये। इश्क में तेरे है फैज़ बने। अर्ज किया है हमने भी। लिखा कुछ तेरे बारे में है। ऐसे तू लगे कि गुलाब है। और ऐसे तू लगे कि गुलाब है। बागों में दिल के खिल के। इन फिज़ाओं में छाए हो गए। और वैसे हम तो तेरे ही गुलाम हैं। और वैसे हम तो तेरे ही गुलाम हैं। बादशाह दिल के तेरी बाजी में जो तू चाहे तो। डूबे दिलों की क्या नाव बनूं। मैं खुद तैर पाऊं ना आंखों में। शायर की फितरत में ही डूबना। मैं क्या ही लड़ूं तूफानों से। इश्क में तेरे है फैज़ बने। अर्ज किया है हमने भी। लिखा कुछ तेरे बारे में है। हाथों को संभाले मेरे हाथों में। कैसे हाथों को संभाले मेरे हाथों में। जब तक नींद ना आए। इन लकीरों में बातें हो गए। सबने तो सब कह दिया है। क्या ही कहूं जो अभी भी अनकहा है। मैं ना मिर्ज़ा ना मीर। ना माहिर ना ज़ाहिर करूं कुछ नया मैं। पर जो दिल का है ज़िया है। हो ज़िया है। ऐसे, वैसे, ऐसे कैसे वैसे जैसे। जैसे मैं पढ़ूं मेरे दिल में जो। मेरी आँखें भी पढ़ें तेरी आँखों को। क्या ये महफ़िल में बैठे या उठे दौड़े जाने को। तेरी आँखों में तारीफों की तलाश है। मेरी महफ़िल तेरे जाने से वीरान है। मैं बस शायर बना हूँ। सिर्फ तू सुनने आए तो। शायद शायर बना हूँ। सिर्फ तू सुनने आए तो।
Traduction en français
कायर जो थे वो शायर बने। अब क्या-क्या करें ये इश्क में। ना कहते थे कुछ जो लगे खोज में। क्या लफ्ज़ चुने नए आशिक ये। इश्क में तेरे है फैज़ बने। अर्ज किया है हमने भी। लिखा कुछ तेरे बारे में है। ऐसे तू लगे कि गुलाब है। और ऐसे तू लगे कि गुलाब है। बागों में दिल के खिल के। इन फिज़ाओं में छाए हो गए। और वैसे हम तो तेरे ही गुलाम हैं। और वैसे हम तो तेरे ही गुलाम हैं। बादशाह दिल के तेरी बाजी में जो तू चाहे तो। डूबे दिलों की क्या नाव बनूं। मैं खुद तैर पाऊं ना आंखों में। शायर की फितरत में ही डूबना। मैं क्या ही लड़ूं तूफानों से। इश्क में तेरे है फैज़ बने। अर्ज किया है हमने भी। लिखा कुछ तेरे बारे में है। हाथों को संभाले मेरे हाथों में। कैसे हाथों को संभाले मेरे हाथों में। जब तक नींद ना आए। इन लकीरों में बातें हो गए। सबने तो सब कह दिया है। क्या ही कहूं जो अभी भी अनकहा है। मैं ना मिर्ज़ा ना मीर। ना माहिर ना ज़ाहिर करूं कुछ नया मैं। पर जो दिल का है ज़िया है। हो ज़िया है। ऐसे, वैसे, ऐसे कैसे वैसे जैसे। जैसे मैं पढ़ूं मेरे दिल में जो। मेरी आँखें भी पढ़ें तेरी आँखों को। क्या ये महफ़िल में बैठे या उठे दौड़े जाने को। तेरी आँखों में तारीफों की तलाश है। मेरी महफ़िल तेरे जाने से वीरान है। मैं बस शायर बना हूँ। सिर्फ तू सुनने आए तो। शायद शायर बना हूँ। सिर्फ तू सुनने आए तो।